गज़्ज़ा, मदद के बहाने जासूसी
ग़ज़्जा में संयुक्त अरब इमारात की ओर से इस्राईल के लिए जासूसी किये जाने का मामला सामने आने के बाद यूएई, मामले पर पर्दा डालने के लिए हमास से मदद चाह रहा है।
अलआलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार हमास आंदोलन के सूत्रों द्वारा पेश की गयी सूचनाओं से यह सिद्ध होता है कि यूएई ने ग़ज़्ज़ा में मोबाइल अस्पताल स्थापित करके इस्राईल के लिए जासूसी की कोशिश की है किंतु जैसे ही यूएई के डाक्टरों की टीम को यह पता चला कि हमास की क़स्साम ब्रिगेड को उन पर संदेह हो गया है वह अपना सारा सामान छोड़ कर ग़ज़्ज़ा से भाग खड़े हुए।
क्या है पूरा मामला ?
हमास के सूत्रों ने अरबी न्यूज़ वेबसाइट अलजुम्हूर से एक वार्ता में बताया है कि संयुक्त अरब इमारात (यूएई) की पचास डाक्टरों और चिकित्सा कर्मियों पर आधारित एक टीम मिस्र द्वारा बिना किसी विरोध के रफह पास से ग़ज़्ज़ा में प्रवेश करती है ।
इस टीम का उद्देश्य यह बताया गया कि वह ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के आक्रमण में घायल होने वालों के लिए मोबाइल अस्पताल स्थापित करना चाहती है फिलिस्तीनियों का माथा इस लिए भी ठनक गया था कि मिस्र रफह पास से किसी भी टीम को प्रविश की अनुमति नहीं दे रहा था और कई टीमें वापस जा चुकी थीं किंतु यूएई की इस टीम को बड़ी सरलता से रफह पास से गुज़रने दिया गया और यह टीम गज़्ज़ा पहुंच गयी किंतु रविवार को यह टीम बिना किसी को कुछ बताए अचानक ही रफह पास से वापस चली जाती है और अपना सारा सामान भी छोड़ जाती है।
यूएई के डाक्टर क्यों भागे ग़ज़्ज़ा से ?
हमास के सूत्रों के अनुसार वास्तव में यूएई के डाक्टरों की टीम उस समय ग़ज़्ज़ा से भागने का निर्णय लेती है जब हमास के सुरक्षा तंत्र ने ठोस प्रमाणों के साथ यह सिद्ध कर दिया कि इस चिकित्सा टीम के सदस्य इस्राईल के लिए काम करते हैं और ग़ज़्ज़ा में उनका अस्ल काम, कस्साम ब्रिगेड और उन स्थानों के बारे में जानकारी जुटाना था जहां से कस्साम ब्रिगेड इस्राईल पर राकेट फायर करता है और फिर यह सारी जानकारी इस्राईल के हवाले करना था।
यूएई के खुफिया अधिकारी भी शामिल अब पर्दा डालने का प्रयास
हमास के सूत्रों के अनुसार जांच से यह भी पता चला कि पचास सदस्यीय इस टीम में संयुक्त अरब इमारात की खुफिया एजेन्सी के कई वरिष्ठ अफसर भी शामिल थे किंतु जासूसी के इस मामले के सामने आने के बाद अबूधाबी के युवराज मुहम्मद बिन ज़ायद के सुरक्षा सलाहकार मुहम्मद दहलान और फत्ह आंदोलन में उनसे निकट नेता, हमास नेताओं से संपर्क कर रहे हैं ताकि इस स्कैंडिल पर पर्दा डाला जा सके।
फिलिस्तीनी सूत्रों के अनुसार फत्ह आंदोलन के एक वरिष्ठ नेता सुफियान अबू ज़ाएदा ने हमास आंदोलन के नेताओं से संपर्क करके अपील की है कि वह ग़ज़्ज़ा में यूएई के रेड क्रिसेन्ट की जासूसी के मामले पर पर्दा डालें।
वरिष्ठ फिलिस्तीनी नेताओं ने भी जासूसी की पुष्टि की
हमास के दिंवग्त वरिष्ठ नेता अब्दुल अज़ीज़ अर्रेन्तीसी के बेटे बरा अर्रेन्तीसी अलजुम्हूर की इस रिपोर्ट के सही होने की पुष्टि की है और बताया है कि फिलिस्तीनी अधिकारियों ने यूएई के एक जासूसी गिरोह को पकड़ा है जो चिकित्सकों के भेस में था और यह टीम, हमास की ओर से चेतावनी मिलने के बाद ग़ज्ज़ा से भाग गयी।
उन्होंने कहा कि हमें पता चल गया कि संयुक्त इमारात से आने वाली टीम जासूसी के लिए आयी थी जिसे मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुलफत्ताह अस्सीसी ने गज़्ज़ा में प्रवेश की अनुमति दी थी ताकि वह इस्लामी प्रतिरोध और राकेट लांचिग पैड के बारे में सूचनाए एकत्रित करके इस्राईल को दे सके।
हमास, इस्राईल और उसके समर्थक के सामने
हमास से निकट समझे जाने वाले फिलिस्तीनी विश्लेषक इब्राहीम हमासी का का कहना है कि हमास ने अतिग्रहणकारी इस्राईल और उसके सभी अरब व गैर अरब समर्थकों के विरुद्ध मैदान में उतरने का फैसला किया है और यह हमास के अतीत के व्यवहार से भिन्न है क्योंकि इस बार हमास के नेताओं ने मिस्र यात्रा का निमंत्रण अस्वीकार कर दिया है और संयुक्त अरब इमारात द्वारा जासूसी के प्रयासों का पर्दाफाश कर दिया है।
एक बड़ा षडयंत्र पर क्यों?
फिलिस्तीनियों के अलअक्सा अस्पताल के साथ ही संयुक्त अरब इमारत की रेड क्रिसेन्ट टीम द्वारा मोबाइल अस्पताल बनाने का मुख्य उद्देश्य गज़्ज़ा पट्टी में इस्राईल के लिए सब से बड़े जासूसी अड्डे की स्थापना था और वास्तव में इस बात का पता जेहादे इस्लामी फिलिस्तीन की सैन्य शाखा अलकुदस ब्रिगेड ने लगाया और इसकी सूचना कस्साम ब्रिगेड को दी।
वास्तव में हमास ने गज़्ज़ा में व्यापक स्तर पर कार्यवाही करके इस्राईल के जासूसी को पकड़ लिया है और मार दिया है जिसके बाद फिलिस्तीनियों द्वारा दागे जा रहे राकेटों और लांचित पैडों के बारे में सूचना एकत्रित करना इस्राईल के लिए कठिन हो गया है और इस्राईली समाचार पत्र हारित्ज़ के अनुसार इस्राईल को सूचनाओं की अत्याधिक कमी का सामना है।
फिलिस्तीनी सूत्रों का कहना है कि सूचनाओं के अभाव और कस्साम द्वारा किये जाने वाले हमलों और उसकी तकनीकी योग्यताओं के सामने आने के बाद इस्राईली अधिकारी बौखलाहट का शिकार हो गये और इसी लिए उन्होंने अपने अरब मित्रों से सहायता की अपील की।
24 जुलाई 2014 - 12:24
समाचार कोड: 626402
ग़ज़्जा में संयुक्त अरब इमारात की ओर से इस्राईल के लिए जासूसी किये जाने का मामला सामने आने के बाद यूएई, मामले पर पर्दा डालने के लिए हमास से मदद चाह रहा है।